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भारत के लिए गर्व के पल । केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन चुने गए विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के कार्यकारी बोर्ड अध्यक्ष ।

      डॉक्टर हर्षवर्धन, भारत के स्वास्थ्य मंत्री शीघ्र ही विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के कार्यकारी बोर्ड अध्यक्ष (Executive Board Chairman) नियुक्त होने वाले हैं । यह भारत के लिए बड़े ही गर्व की बात है । वे 22 मई, 2020 से अपना नया कार्यभार संभालेंगे । इस बोर्ड में कुछ 34 सदस्य हैं और वर्तमान में जापान के डॉ. हिरोकी नकातानी अध्यक्ष पद का कार्यभार संभाल रहे हैं । सभी 34 सदस्य स्वास्थ्य / चिकित्सा क्षेत्र से होते हैं और हमेशा सभी डॉक्टर होते हैं । यह भी याद रहे की यह पहली बार है कि WHO के वर्तमान प्रबंध निदेशक टेडरोस आधानोम (Tedros Adhanom) बिना डॉक्टर हुए का इतना महत्वपूर्ण पद संभाल रहे हैं और उन्हीं की लापरवाही के कारण कोरोना वायरस विश्वभर में फैल गया । इस विषय पर विस्तृत लेख पिछले इस वेबसाईट के पिछले लेख Beware US – China is creating the new world order मे मिल जाएगा, जिसमें विस्तार से चीन और WHO की मिलीभगत की शंका जताई एवं साबित की गई है ।

             (इस लेख को वीडियों में देखने के लिए इस लिंक पर जाएं https://www.youtube.com/watch?v=ybLS6X0OOaE&t=7s)

विश्व स्वास्थ्य संगठन की बैठक में यह प्रस्ताव 19 मई को ही 194 देशों द्वारा पारित कर दिया गया था । हालांकि 22 मई को यह केवल औपचारिकता भर होगी क्योंकि पिछले साल ही यह निर्णय ले लिया गया था कि WHO की दक्षिण-पूर्व एशिया ग्रुप के लिए भारत की तरफ एक भारतीय ही अध्यक्ष बनेगा । किंतु भारत यह के लिए बहुत बड़ी बात है ।

      WHO में 194 सदस्य देश इस बोर्ड के 34 सदस्यों का चुनाव करते हैं, जिनका कार्यकाल तीन साल का होता है और अध्यक्ष हर एक साल में बदलते रहते हैं । यह बोर्ड WHO के कार्यवाही की योजना को तैयार करता है और उसे लागू करता है । हालांकि यह पूर्णकालिक कार्य नहीं है और उन्हें केवल एक साल के लिए अध्यक्षता मिली है, वह भी केवल उन मुलाकातों के लिए जो कार्यकारी बोर्ड की होंगी, लेकिन फिर भी इस वैश्विक संकट और महामारी में उनका काम बेहद महत्वपूर्ण होगा । विश्व में इस समय भारत उन बड़े देशों में है, जिन्हें कोविड 19 ने बुरी तरह से क्षतिग्रत किया है । इस समय तक भारत में कोरोना के केस एक लाख को पार कर गए हैं और तीन हजार से अधिक लोगों की मृत्यु हो गई है । 135 करोड़ लोगों के देश में यह संख्या अब भी काफी कम है और इसे हद तक संभालने का काम डॉ. हर्षवर्धन ने ही संभाल रखा है ।

      डॉ. हर्षवर्धन के पिता का नाम ओमप्रकाश गोयल एवं माता का नाम स्नेह लता है तथा उनका जन्म दिसंबर, 1954 को दिल्ली में हुआ था । उन्होंने अपनी पढ़ाई एंगेलो संस्कृत विक्टोरिया जुबली सीनियर सेकेंडरी स्कूल, दरियागंज से 1971 में पूरी की । उसके बाद जाकिर हुसैन दिल्ली कॉलेज एवं गणेश शंकर विद्यार्थी मेमोरियल मेडीकल कॉलेज, कानपुर से Bachelor of Medicine, Bachelor of Surgery की पढ़ाई की । Master of Surgery भी उसी क़ॉलेज से 1983 में की । दिल्ली विधानसभा के कृष्णनगर से वे पहली बार विधायक चुन कर आए । कम आयु में ही वे राष्ट्रीय सेवा संघ से जुड़ गए थे । इस समय वे मई, 2019 में चांदनी चौक से भारतीय जनता पार्टी की ओर से लोक सभा का चुनाव जीत कर मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में स्वास्थ्य मंत्री चुने गए ।

      इस प्रकार डॉ. हर्षवर्धन काफी पढ़े – लिखे वे पुराने एवं अच्छे नेता हैं । भारत सरकार के पास पूरे एक साल का समय था कि वे किसी भी अन्य व्यक्ति को स्वास्थ्य संगठन के कार्यकारी बोर्ड अध्यक्ष का अध्यक्ष चुनते, किंतु यदि इस महामारी के दौर में वे भारत की स्थिति को बखूबी संभाल रहे हैं तो बहुत ही खास कारणों से  नरेंद्र मोदी कैबिनेट ने उनका चुनाव अध्यक्ष पद के लिए भी किया होगा । आशा है कि वे कैबिनेट के इस निर्णय पर देश व विश्व के कार्यों की भलाई करके इसे सफल बनाएंगे एवं विश्व पटल पर देश को अग्रणी रख कर देश का नाम ऊंचा रखेंगे ।

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